बस में एक बटुआ चोरी हो जाता है। एक कंपनी नदी में जहरीला कचरा बहा देती है। ये दोनों अपराध हैं—ऐसे कृत्य जो आपराधिक कानून का उल्लंघन करते हैं और राज्य द्वारा दंडनीय हैं। लेकिन हर हानिकारक कृत्य अपराध नहीं होता। अपराध की परिभाषा समय और समाजों के अनुसार बदलती रहती है। अमेरिका में शराबबंदी के दौरान शराब बेचना गैरकानूनी था। अब यह एक लाइसेंस प्राप्त व्यवसाय है।
समाजशास्त्री यह सवाल उठाते हैं कि अपराध को कौन परिभाषित करता है और किसे सज़ा मिलती है। कानून अक्सर शक्तिशाली समूहों के हितों को दर्शाते हैं। गली-मोहल्लों में होने वाले अपराधों पर भारी पुलिस बल तैनात रहता है। वहीं, सफेदपोश अपराध, हालांकि पैसों और जान के लिहाज़ से कहीं ज़्यादा नुकसानदेह होते हैं, उन पर कम ध्यान दिया जाता है। अमेरिका में एफबीआई की यूनिफॉर्म क्राइम रिपोर्ट्स और नेशनल क्राइम विक्टिमाइजेशन सर्वे आंकड़ों के दो प्रमुख स्रोत हैं।
श्रेणियाँ
- हिंसक अपराध: हत्या, हमला, डकैती
- संपत्ति संबंधी अपराध: सेंधमारी, चोरी, आगजनी
- सफेदपोश अपराध: धोखाधड़ी, गबन
- पीड़ित रहित अपराध: मादक पदार्थों का सेवन, वेश्यावृत्ति
- संगठित अपराध: गिरोहों द्वारा संचालित अवैध बाजार
सजा में जुर्माना, कारावास और मृत्युदंड तक शामिल हैं। कई देशों में अपराध दोहराने की दर अभी भी बहुत अधिक है, जिसके कारण पुनर्वास बनाम दंडात्मक कार्रवाई पर बहस छिड़ी हुई है।
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