इमल्शन दो तरल पदार्थों का एक स्थिर मिश्रण होता है जो सामान्यतः आपस में नहीं मिलते। तेल और पानी आपस में नहीं मिलते। लेकिन अगर उनमें थोड़ी सी सरसों या अंडे की जर्दी मिला दी जाए, तो वे एक मलाईदार, एकसमान तरल पदार्थ बना लेते हैं। यही इमल्शन है। सरसों या अंडे की जर्दी इमल्सीफायर का काम करती है। यह एक तरल पदार्थ की बूंदों को दूसरे तरल पदार्थ से ढक लेती है और उन्हें उसमें निलंबित रखती है। मेयोनेज़, विनेग्रेट, हॉलैंडाइज़ सॉस और दूध, ये सभी इमल्शन हैं। इमल्शन एक स्थिर मिश्रण है। इमल्शन एक सॉस है। इमल्शन रसोइयों की एक खास तरकीब है।
इमल्शन दो प्रकार के होते हैं। तेल-इन-वॉटर इमल्शन में तेल की बूंदें पानी में निलंबित रहती हैं। दूध और मेयोनेज़ तेल-इन-वॉटर इमल्शन हैं। वॉटर-इन-ऑयल इमल्शन में पानी की बूंदें तेल में निलंबित रहती हैं। मक्खन और मार्जरीन वॉटर-इन-ऑयल इमल्शन हैं। इमल्शन का प्रकार तरल पदार्थों के अनुपात और इमल्सीफायर पर निर्भर करता है। इमल्सीफायर दोनों तरल पदार्थों के अनुकूल होना चाहिए। इसमें एक हाइड्रोफिलिक सिरा और एक हाइड्रोफोबिक सिरा होना चाहिए। हाइड्रोफिलिक सिरा पानी के साथ बंध बनाता है। हाइड्रोफोबिक सिरा तेल के साथ बंध बनाता है। इमल्सीफायर इन दोनों को जोड़ता है। इमल्शन स्थिर रहता है। इमल्शन स्थायी होता है।
इमल्शन टूट सकता है। यदि इमल्सीफायर अपर्याप्त हो, या तापमान बहुत अधिक हो, या मिश्रण को अधिक फेंटा जाए, तो तेल और पानी अलग हो जाते हैं। टूटा हुआ मेयोनेज़ इसका एक आम उदाहरण है। रसोइया कभी-कभी एक नया इमल्सीफायर डालकर और धीरे-धीरे टूटे हुए मिश्रण को मिलाकर इसे बचा सकता है। इमल्शन नाजुक होता है। इमल्शन एक संतुलन है। रसोइए को सावधान रहना चाहिए। रसोइए को धैर्य रखना चाहिए। रसोइए को सटीक होना चाहिए। इमल्शन ही इनाम है। इमल्शन ही सॉस है। सॉस ही भोजन है। भोजन ही इमल्शन है। इमल्शन ही रसोइया है। रसोइया ही इमल्शन है। इमल्शन एक ही है। इमल्शन ही रसोई है। रसोई ही इमल्शन है।
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