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LexiconDream

💡 प्रबोधन

18वीं सदी का एक बौद्धिक आंदोलन जो तर्क और विज्ञान पर जोर देता था।

प्रबोधन

अठारहवीं शताब्दी में लेखकों और पाठकों के एक समूह ने तर्क, अनुभवजन्य अनुसंधान और सुधार का समर्थन किया। प्रबोधन काल यूरोप में केंद्रित एक बौद्धिक और सांस्कृतिक आंदोलन था जिसने धर्म, राजनीति और ज्ञान में पारंपरिक सत्ता पर सवाल उठाए।

वोल्टेयर, रूसो, कांट और कई कम प्रसिद्ध हस्तियों ने प्राकृतिक अधिकारों, वैज्ञानिक पद्धति, धार्मिक सहिष्णुता और समाज के संगठन पर बहस की। गोष्ठियों, अकादमियों और मुद्रित सामग्री के माध्यम से विचारों का प्रसार सीमाओं के पार हुआ। प्रबोधन काल के सभी विचार एक समान नहीं थे; परिवर्तन की गति और दिशा को लेकर तीखे मतभेद मौजूद थे।

ज्ञानोदय के तर्कों ने अमेरिका और फ्रांस में क्रांतियों और बाद में अन्य जगहों पर सुधारों को प्रभावित किया। आलोचकों ने तब और उसके बाद भी लिंग, नस्ल और गैर-यूरोपीय दुनिया के संबंध में इस आंदोलन की सीमाओं को उजागर किया है। इसकी विरासत में आलोचनात्मक सार्वजनिक तर्क का आदर्श और उस आदर्श के दायरे को लेकर चल रहे विवाद दोनों शामिल हैं।


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Comments (2)

  1. Stuart P.
    Enlightenment in Buddhism is about seeing the true nature of reality. It's not just an intellectual understanding but a direct experience.
  2. Barbara Stein
    The article is a good overview. Spiritual awakening and insight into ultimate truth. Simple but profound.

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