लघु कहानी एक ऐसी कहानी होती है जिसमें विषय तो पूरी तरह विकसित होता है, लेकिन यह उपन्यास से काफी छोटी होती है। आमतौर पर यह किसी एक घटना, कुछ पात्रों और सीमित समय सीमा पर केंद्रित होती है। एडगर एलन पो ने इसे एक ऐसा रूप बताया था जिसे एक ही बार में पढ़ा जा सकता है और जो एक ही प्रभाव उत्पन्न करता है।
लघु कथाएँ मात्र संक्षिप्त उपन्यास नहीं होतीं। इनका अपना एक तर्क होता है। हर वाक्य महत्वपूर्ण होता है। इनमें उपकथाओं या लंबे वर्णनों की कोई गुंजाइश नहीं होती। यह विधा स्पष्टीकरण की बजाय संकेत पर अधिक बल देती है। एक अच्छी लघु कथा अक्सर अस्पष्टता या रहस्योद्घाटन के भाव के साथ समाप्त होती है। एंटोन चेखव, फ्लैनरी ओ'कॉनर, जॉर्ज लुइस बोर्जेस और एलिस मुनरो जैसे लेखकों ने इस विधा में महारत हासिल की। आधुनिक लघु कथा का उदय 19वीं शताब्दी में पो, हॉथोर्न और मौपासांत जैसे लेखकों के साथ हुआ। आज यह साहित्यिक पत्रिकाओं और संकलनों में खूब प्रचलित है। यह एक चुनौतीपूर्ण विधा है। इसकी संक्षिप्तता ही इसकी शक्ति है।
विशेषताएँ
- एकल घटना या विषय
- कुछ पात्र
- सीमित समय सीमा
- अक्सर कहानी का अंत किसी अप्रत्याशित मोड़ या रहस्योद्घाटन के साथ होता है।
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