वेबसाइट पर ग्राहक आइटम चुनता है, जिन्हें चेकआउट होने तक एक अस्थायी सूची में रखा जाता है। यही सूची शॉपिंग कार्ट कहलाती है। यह दुकानों में इस्तेमाल होने वाले असली कार्ट की तरह ही होती है और उसी तरह आइटम रखने का काम करती है।
डिजिटल कार्ट में मात्रा, कीमतें और कुल योग प्रदर्शित होता है। यह ग्राहकों को आइटम जोड़ने, हटाने या बाद में सेव करने की सुविधा देता है। ई-कॉमर्स ऑप्टिमाइज़ेशन में कार्ट छोड़ने की समस्या एक प्रमुख मुद्दा है; रिमाइंडर और सरल चेकआउट प्रक्रिया का उद्देश्य छूटी हुई बिक्री को वापस लाना है। डिज़ाइन की स्पष्टता और मोबाइल उपयोगिता का खरीदारी पूरी करने की दर पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
दुकानों में मौजूद फिजिकल शॉपिंग कार्ट बड़ी खरीदारी को आसान बनाते हैं और ग्राहकों के हाथों को खाली रखते हैं। इनका आकार और आसानी से चलाने की क्षमता खरीदारी की मात्रा को प्रभावित करती है। फिजिकल और डिजिटल दोनों तरह के कार्ट ऐसे उपकरण हैं जो व्यक्तिगत उत्पाद विकल्पों को एक ही लेन-देन में बदल देते हैं।
खरीदारी से पहले इरादा जहां इकट्ठा होता है, वह कार्ट ही होता है।
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