प्रोटेस्टेंटवाद ईसाई धर्म की वह शाखा है जिसकी उत्पत्ति धर्म सुधार आंदोलन से हुई। इसकी शुरुआत 1517 में हुई। मार्टिन लूथर ने 95 थीसिस स्थापित कीं। उन्होंने कैथोलिक चर्च के अत्याचारों का विरोध किया। उन्होंने पापमोचन पत्रों की बिक्री का विरोध किया। उन्होंने पोप के अधिकार का विरोध किया। उन्होंने चर्च के सिद्धांतों का विरोध किया। उन्होंने विरोध किया। वे एक प्रोटेस्टेंट थे। उन्होंने प्रोटेस्टेंटवाद की स्थापना की। प्रोटेस्टेंटवाद ही विरोध है। प्रोटेस्टेंटवाद ही धर्म सुधार आंदोलन है। प्रोटेस्टेंटवाद ही सुसमाचार है। प्रोटेस्टेंटवाद ही आस्था है। प्रोटेस्टेंटवाद ही चर्च है। प्रोटेस्टेंटवाद ही प्रोटेस्टेंटवाद है।
प्रोटेस्टेंटवाद कोई एक चर्च नहीं है। यह एक आंदोलन है। इसमें कई संप्रदाय शामिल हैं। लूथरन, रिफॉर्म्ड, प्रेस्बिटेरियन, एंग्लिकन, मेथोडिस्ट, बैपटिस्ट, पेंटेकोस्टल, इवेंजेलिकल, एनाबैपटिस्ट, एडवेंटिस्ट, क्वेकर, मेनोनाइट, अमीश, मोरावियन, वाल्डेनशियन, हुसाइट। ये प्रोटेस्टेंट चर्च हैं। ये प्रोटेस्टेंट सिद्धांतों को साझा करते हैं: सोला स्क्रिप्चुरा, सोला फाइड, सोला ग्रेशिया, सोलस क्राइस्टस, सोली डियो ग्लोरिया। केवल शास्त्र, केवल विश्वास, केवल अनुग्रह, केवल मसीह, केवल ईश्वर की महिमा। ये पाँच सोला हैं। ये प्रोटेस्टेंट की विशिष्टताएँ हैं। ये प्रोटेस्टेंट विश्वास हैं। ये प्रोटेस्टेंट सिद्धांत हैं। यही प्रोटेस्टेंटवाद है।
प्रोटेस्टेंट विशिष्टताएँ
- केवल शास्त्र ही प्रामाणिक हैं।
- सोला फाइड: केवल विश्वास द्वारा औचित्य।
- सोला ग्रेशिया: केवल कृपा से मुक्ति।
- सोलस क्रिस्टस: मसीह अकेले मध्यस्थ हैं।
- सोली डियो ग्लोरिया: केवल ईश्वर की महिमा हो।
- सभी विश्वासियों का पुरोहितत्व: प्रत्येक ईसाई एक पुरोहित है।
- दो संस्कार: बपतिस्मा और प्रभु भोज।
- स्थानीय भाषा में उपासना: लोगों की भाषा में उपासना करना।
प्रोटेस्टेंटवाद परिपूर्ण नहीं है। इसमें विभाजन हैं। इसमें विवाद हैं। इसमें असफलताएँ हैं। इसमें पाप हैं। इसमें घोटाले हैं। इसमें समस्याएँ हैं। इसमें चुनौतियाँ हैं। इसमें आशाएँ हैं। इसमें सपने हैं। इसमें प्रार्थनाएँ हैं। इसमें विश्वास है। इसमें प्रेम है। इसमें अनुग्रह है। इसमें मसीह हैं। इसमें सुसमाचार है। इसमें वचन है। इसमें संस्कार हैं। इसमें चर्च है। इसमें संत हैं। इसमें पापी हैं। इसमें धर्मी ठहराए गए लोग हैं। इसमें पवित्र किए गए लोग हैं। इसमें उद्धार पाए हुए लोग हैं। इसमें प्रिय लोग हैं। इसमें बुलाए गए लोग हैं। इसमें भेजे गए लोग हैं। इसमें एकत्रित लोग हैं। इसमें बिखरे हुए लोग हैं। इसमें मरने वाले हैं। इसमें पुनर्जीवित होने वाले हैं। इसमें जीवित लोग हैं। इसमें शाश्वतता है। इसमें प्रोटेस्टेंटवाद है। कलीसिया सदा सुधारित होती रहती है। यही आदर्श वाक्य है। यही आह्वान है। यही आशा है। यही प्रोटेस्टेंटवाद है। प्रोटेस्टेंटवाद विरोध है। प्रोटेस्टेंटवाद सुधार आंदोलन है। प्रोटेस्टेंटवाद सुसमाचार है। प्रोटेस्टेंटवाद एक आस्था है। प्रोटेस्टेंटवाद एक चर्च है। प्रोटेस्टेंटवाद ही प्रोटेस्टेंटवाद है।
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