राजस्व किसी व्यवसाय द्वारा बिक्री से अर्जित कुल आय है। यह लाभ नहीं है। लाभ वह राशि है जो लागत घटाने के बाद बचती है। यदि व्यय अधिक हों तो कोई कंपनी रिकॉर्ड राजस्व अर्जित करने के बावजूद भी घाटे में जा सकती है। राजस्व कुल आय है। लाभ कुल आय है।
सरकारें मुख्य रूप से करों के माध्यम से राजस्व एकत्र करती हैं। आयकर, बिक्री कर, संपत्ति कर और कॉर्पोरेट कर सभी सरकारी खजाने में योगदान देते हैं। करों का यह संयोजन देश के अनुसार भिन्न होता है। कुछ देश आयकर पर अधिक निर्भर करते हैं, जबकि अन्य वैट जैसे उपभोग करों पर निर्भर रहते हैं।
कंपनियां राजस्व पर बारीकी से नजर रखती हैं क्योंकि यही उनके सभी कार्यों का आधार होता है। राजस्व में वृद्धि से विस्तार, भर्तियां और निवेश संभव हो पाता है। राजस्व में गिरावट से छंटनी करनी पड़ती है। विश्लेषक राजस्व रुझानों को कंपनी की सेहत और बाजार में उसकी स्थिति के संकेत के रूप में देखते हैं।
मुख्य अंतर
- राजस्व बनाम लाभ
- सकल राजस्व बनाम शुद्ध राजस्व
- संचालन राजस्व
- सरकारी कर राजस्व
- राजस्व पहचान नियम
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