धातु का काम धातु को आकार देने और वस्तुओं में जोड़ने की कला है। यह एक प्राचीन शिल्प है। धातु पर हजारों वर्षों से काम किया जाता रहा है। यह मजबूत, टिकाऊ और सुंदर होती है। धातु का काम करने वाला कारीगर ही शिल्पकार होता है। धातु का काम करने वाला एक ही होता है।
धातु शिल्प कई प्रकार का होता है। लोहार धातु को गढ़ता है। वेल्डिंग धातु को जोड़ती है। ढलाई पिघली हुई धातु को डालती है। मशीनिंग धातु को काटती है। प्रत्येक की अपनी तकनीक होती है। प्रत्येक की अपनी कला होती है। धातु शिल्प एक प्रकार है। प्रकार ही धातु शिल्प है। धातु शिल्प एक ही है।
धातु का उपयोग अनेक वस्तुओं के निर्माण में होता है। औजार, हथियार, आभूषण और कलाकृतियाँ धातु से बनाई जाती हैं। धातु एक पदार्थ है। पदार्थ ही धातु है। धातु एक ही है। भट्टी भी एक ही है। भट्टी ही धातु है। धातु ही भट्टी है। धातु एक ही है। हथौड़ा भी एक ही है। हथौड़ा ही धातु है। धातु ही हथौड़ा है। धातु एक ही है।
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