चमड़े का शिल्प, जानवरों की चमड़ी को तौलकर उससे वस्तुएँ बनाने की कला है। यह एक प्राचीन शिल्प है। चमड़े का उपयोग हजारों वर्षों से होता आ रहा है। यह टिकाऊ, लचीला और सुंदर होता है। चमड़ा कारीगर ही शिल्पकार होता है। चमड़ा कारीगर और शिल्पकार एक ही हैं।
चमड़े की कारीगरी कई रूपों में होती है। काटकर चमड़े को आकार दिया जाता है। सिलाई से चमड़े को जोड़ा जाता है। नक्काशी से चमड़े को सजाया जाता है। रंगाई से चमड़े को रंग दिया जाता है। प्रत्येक की अपनी तकनीक होती है। प्रत्येक की अपनी कला होती है। चमड़े की कारीगरी एक प्रकार है। प्रकार ही चमड़े की कारीगरी है। चमड़े की कारीगरी एक ही है।
चमड़े का उपयोग कई वस्तुओं के निर्माण में किया जाता है। चमड़े से बैग, बेल्ट, वॉलेट और जूते बनाए जाते हैं। चमड़ा एक सामग्री है। सामग्री ही चमड़ा है। चमड़ा एक ही है। सुई भी एक ही है। सुई ही चमड़ा है। चमड़ा ही सुई है। चमड़ा एक ही है। धागा भी एक ही है। धागा ही चमड़ा है। चमड़ा ही धागा है। चमड़ा एक ही है।
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