हस्त उपकरण वो औजार होते हैं जिन्हें हाथ से चलाया जाता है, न कि मोटर से। ये हाथ का ही विस्तार हैं। ये शिल्प की नींव हैं। हस्त उपकरण सरल होते हैं। ये टिकाऊ होते हैं। ये सटीक होते हैं। ये एक समान हैं।
हाथ से इस्तेमाल होने वाले औजार कई प्रकार के होते हैं। हथौड़ा, आरी, छेनी, रंदा, सैंडपेपर और पेंचकना हाथ से इस्तेमाल होने वाले औजार हैं। हर औजार का अपना उपयोग होता है। हर औजार से जुड़ा अपना हुनर होता है। औजार का प्रकार ही औजार का प्रकार है। औजार एक ही है।
हाथ के औजारों के लिए कौशल की आवश्यकता होती है। शिल्पकार को इनका उपयोग करना सीखना चाहिए। शिल्पकार को इनकी देखभाल करनी चाहिए। शिल्पकार को इनका सम्मान करना चाहिए। हाथ का औजार ही औजार है। हाथ का औजार ही शिल्प है। हाथ का औजार एक ही है। हाथ ही औजार है। औजार ही हाथ है। हाथ का औजार एक ही है। शिल्प ही हाथ का औजार है। हाथ का औजार एक ही है।
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