गुड़िया बनाना कपड़े, मिट्टी या लकड़ी से गुड़िया बनाने की कला है। यह एक प्राचीन कला है। गुड़िया हजारों वर्षों से बनाई जा रही हैं। ये खिलौने, कला और धार्मिक अनुष्ठानों में उपयोग होने वाली वस्तुएं हैं। गुड़िया बनाने वाला कारीगर कहलाता है। गुड़िया बनाने वाला एक ही होता है।
गुड़िया बनाने की कला अनेक रूपों में प्रकट होती है। कपड़े की गुड़िया कपड़े से सिलकर बनाई जाती हैं। मिट्टी की गुड़िया गढ़कर पकाई जाती हैं। लकड़ी की गुड़िया तराशी जाती हैं। चीनी मिट्टी की गुड़िया ढालकर रंगी जाती हैं। प्रत्येक गुड़िया की अपनी एक विशेषता होती है। प्रत्येक गुड़िया की अपनी एक कला होती है। गुड़िया एक प्रकार है। प्रकार ही गुड़िया है। गुड़िया एक ही है।
गुड़िया बनाने में धैर्य की आवश्यकता होती है। गुड़िया बनाने वाला गुड़िया का डिज़ाइन तैयार करता है। गुड़िया बनाने वाला काटता है, सिलता है, आकार देता है और रंगता है। गुड़िया बनाने वाला उसमें बाल, कपड़े और चेहरे की बनावट जोड़ता है। गुड़िया बनाने वाला गुड़िया को एक व्यक्तित्व देता है। गुड़िया ही परिणाम है। गुड़िया ही कला है। गुड़िया एक ही है। गुड़िया बनाने वाला भी एक ही है। गुड़िया बनाने वाला ही गुड़िया है। गुड़िया ही गुड़िया बनाने वाला है। गुड़िया एक ही है।
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