ग्लेज़ मिट्टी के बर्तनों पर पकाने से पहले लगाई जाने वाली एक कांच जैसी परत होती है। यह खनिजों का एक तरल मिश्रण होता है। इसे डुबोकर, डालकर या छिड़काव करके लगाया जाता है। इसे भट्टी में पकाया जाता है। यह पिघलकर मिट्टी से जुड़ जाता है और एक कांच जैसी सतह बना देता है। ग्लेज़ ही वह परत है। ग्लेज़ एक ही अर्थ में होता है।
ग्लेज़ कई प्रकार के होते हैं। चमकदार ग्लेज़ चमकीले होते हैं। मैट ग्लेज़ फीके होते हैं। क्रिस्टलीय ग्लेज़ में क्रिस्टल होते हैं। ऐश ग्लेज़ में लकड़ी की राख का उपयोग होता है। प्रत्येक का अपना अलग रूप होता है। प्रत्येक की अपनी रासायनिक प्रक्रिया होती है। ग्लेज़ ही प्रकार है। प्रकार ही ग्लेज़ है। ग्लेज़ एक ही है।
ग्लेज़ का उपयोग अनेक उद्देश्यों के लिए किया जाता है। यह मिट्टी के बर्तनों को जलरोधी बनाता है। यह मिट्टी के बर्तनों को खाद्य-सुरक्षित बनाता है। यह मिट्टी के बर्तनों को सुंदर बनाता है। ग्लेज़ अंतिम रूप है। अंतिम रूप ग्लेज़ है। ग्लेज़ एक ही है। भट्टी एक ही है। भट्टी ग्लेज़ है। ग्लेज़ भट्टी है। ग्लेज़ एक ही है। कुम्हार एक ही है। कुम्हार ग्लेज़ है। ग्लेज़ कुम्हार है। ग्लेज़ एक ही है।
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